खादी भंडार की पुरानी जर्जर बिल्डिंग पर किसी की नजर नहीं
अंदर ही अंदर दुकानें बनाकर कब्जे की खबर

छतरपुर। छतरपुर में रामगली बजरिया में जाने पर एक पुराना महल नुमा भवन की दीवार दिखलाई देती है। ये करीब 5000 वर्ग फीट का खादी भवन है इसके अंदर अतिक्रमणकारियों द्वारा दुकानों का निर्माण किए जाने की पुख्ता खबर है।
चूंकि सामने बड़ी बिल्डिंग एवम पीछे जर्जर खंडहर दिखता है इसलिए पीछे अतिक्रमण किया जा रहा है, जिसमे पक्की दुकानों का निर्माण तक कर लिया गया है।
कोतवाली के पास स्थित जैन मंदिर के बगल में बजरिया को में जाने वाली गली के कॉर्नर पर नीचे एक दुकान एवं ऊपर एक प्रतिष्ठान है, इसके जस्ट पीछे लोक निर्माण विभाग का भवन लगभग 5000 फीट का खादी भंडार के नाम से पड़ा है।
कुछ दुकानदारों द्वारा अंदर से गेट फोड़ कर उसमें कब्जा कर लिया है साथ ही पक्के कमरा बना लिए हैं। वह भवन काफी पुराना है कभी भी गिर सकता है बड़ी घटना घट सकती है। यदि प्रशासन उक्त जर्जर भवन को गिराने की कार्यवाही करेगा तो यह रहस्य खुल जाएगा और अवैध कब्जा भी हट जाएगा।
सागर में हुई घटना के बाद जिला प्रशासन द्वारा पुरानी जर्जर बिल्डिंगों को धराशाई करने का अभियान पूरे जिले में शुरू किया गया था लेकिन यह अभियान महज खानापूर्ति बनकर रह गया। क्योंकि आज भी कई जर्जर बिल्डिंगें दुर्घटनाओं का इंतजार कर रही हैं। जबकि इन दिनों लगातार बारिश चल रही है और कभी भी यह जर्जर बिल्डिंगें बारिश में धराशाई हो सकती हैं। कोतवाली के पास से रामगली बजरिया के लिए जो मार्ग जाता है उस मार्ग पर पुराने खादी भंडार की पुरानी जर्जर बिल्डिंग खड़ी हुई है इस पर अभी तक किसी की नजर नहीं गई है। इसी जर्जर बिल्डिंग के सामने कुछ दुकानदार पन्नी बांधकर अस्थाई रूप से अपनी दुकानें भी लगाते हैं और इसी जर्जर बिल्डिंग के पीछे कुछ लोगों द्वारा दुकानें भी बना ली गई हैं। जिस स्थान पर यह जर्जर बिल्डिंग खड़ी है उसके बगल में जैन मंदिर तथा आमने सामने व बगल में दुकानें हैं। अगर यह बिल्डिंग कभी भी धराशाई हो गई तो बड़ा हादसा हो सकता है। प्रश्न यह उठता है कि आखिर प्रशासन की नजरों में से यह क्यों बची हुई है या फिर जानबूझ कर लापरवाही बरत कर सागर जैसी घटना को अंजाम देने के लिए इंतजार किया जा रहा है।
नोटिस चस्पा करने के बाद भी नहीं हुई बिल्डिंग खाली

पुराने खादी भंडार की बिल्डिंग के कुछ हिस्से पर नीलेश अग्रवाल का कब्जा है। लेकिन एसडीएम राजस्व न्यायालय द्वारा बेदखली का आदेश पारित किया गया था। इस आदेश के परिपालन में एसडीओ लोक निर्माण विभाग ने पत्र क्रमांक/238/तक/2024-25 छतरपुर दिनांक 10/08/2024 द्वारा एक नोटिस नीलेश अग्रवाल को जारी किया गया था कि तीन दिवस के अंदर भवन खाली करने के निर्देश दिए थे। अन्यथा के स्थिति में भवन तोड़ दिया जायेगा और उसमें रखे सामान की जवाबदेही आपकी होगी। लेकिन अभी तक न तो भवन खाली हुआ है और न ही उसे तोड़ा गया है।












