जैन समाज के पर्युषण पर्व का समापन कल अनंत चतुर्दशी को
19 सितंबर को निकलेगी श्रीजी की पालकी, मनेगा क्षमावाणी पर्व
छतरपुर । जैन धर्मावलंबियों के 8 सितंबर से प्रारंभ हुए दस दिवसीय पर्युषण पर्व का कल 17 सितंबर 24 मंगलवार को विविध धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ गरिमामयी समापन हो जाएगा।19 सितंबर को नगर में श्रीजी का भव्य पालकी महोत्सव तथा क्षमावाणी पर्व मनाया जाएगा।
प्रो सुमति प्रकाश जैन ने बताया कि नगर में सभी जैन श्रावक आत्मशुद्धि के इस पावन पर्व में दस धर्मों का पालन पूरी धार्मिक प्रभावना तथा सात्विकता के साथ कर रहे हैं। सुबह होते ही जैन बंधुओं की धार्मिक दिनचर्या शुरू हो जाती है। बिना कुछ खाए पिए श्री जी के पूजन – अभिषेक आदि धार्मिक अनुष्ठानों के लिए मंदिर पहुंचते हैं। दिन भर की व्यस्त दिनचर्या के बाद रात्रि में धार्मिक तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का लाभ श्रद्धालु लेते हैं। पर्युषण पर्व अनेक प्रकार की प्रतियोगिताएं हो रही हैं।इसमें बच्चों और बड़ों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया एवं दर्शकों का मन मोहा ।हर वर्ग के विजेताओं को निर्णायकों तथा जैन समाज के पदाधिकारियों ने पुरस्कृत किया।
आज 16 सितंबर सोमवार को नौवां धर्म उत्तम आकिंचन धर्म मनाया गया, जिसमें इस धर्म पर सांगानेर से पधारे विद्वान श्री जितेन्द्र शास्त्री के मंगल प्रवचन हुए।कल 17 सितंबर को पर्युषण पर्व के दसवें और अंतिम दिन धर्म का दसवां पर्व उत्तम ब्रह्मचर्य पर्व मनाया जाएगा।
प्रो जैन ने बताया कि पर्युषण पर्व की समाप्ति के बाद 19 सितंबर को नगर में समाजजन क्षमावाणी पर्व एवं पालकी महोत्सव धूमधाम से मनाएंगे। क्षमावाणी पर्व में विगत में हुई भूलों के लिए परस्पर क्षमायाचना करते हुए अपना मनोमालिन्य दूर कर फिर सद्भाव और सोहर्दपूर्वक संबंध निर्वहन करते हैं। जैन समाज के अध्यक्ष श्री अरूण जैन अन्नु , उपाध्यक्ष श्री अजय फट्टा, श्री रीतेश जैन,महामंत्री श्री स्वदेश जैन,कोषाध्यक्ष श्री जितेन्द्र जैन,सह मंत्री श्री अजित जैन एवं समस्त कार्यकारिणी ने नगरवासियों को आत्मशुद्धि के पर्व पर्युषण के अंतिम दिन अनंत चतुर्दशी पर हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए सभी कार्यक्रमों में भाग लेने का आव्हान किया है।












