‘मैं कलेक्टर बोल रहा हूं…मेरे नंबर पर रुपए भेज दो’:भोपाल कलेक्टर के नाम पर फर्जी कॉल; संबल स्कीम का फायदा देने का झांसा
भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के नाम पर कुछ इसी तरह से जालसाज ग्रामीणों से ठगी कर रहे हैं। ठगों ने कलेक्टर की फोटो की फर्जी आईडी बनाई। ताकि, लोगों को लगे कि वह सही में कलेक्टर ही हैं।
इसके बाद ठग संबल योजना की राशि डालने के नाम पर 3 हजार से 10 हजार रुपए तक की मांग कर रहे हैं। खास बात ये है कि भोपाल के फंदा जनपद क्षेत्र में ही 2-3 लोगों ने 10 हजार रुपए अकाउंट में ट्रांसफर भी कर दिए। मामला कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के पास भी पहुंचा। जिसके बाद क्राइम ब्रांच इसकी जांच में जुट गई है।
फंदा जनपद के ही 15-20 लोगों को किए गए कॉल-मैसेज
पिछले एक सप्ताह से कलेक्टर की फर्जी आईडी से फंदा जनपद क्षेत्र के लोगों को कॉल के साथ मैसेज किए जा रहे हैं। जनपद के एक कर्मचारी ने बताया कि हितग्राहियों को कॉल के अलावा मैसेज भी किए जा रहे हैं। मैसेज में कलेक्टर की फोटो लगी है। इसलिए लोगों ने ठग को सही में कलेक्टर मानकर रुपए भेज दिए। फंदा के अलावा बैरसिया जनपद क्षेत्र में भी फर्जी कॉल पहुंचे हैं। करीब 15 से 20 लोगों से ठगी की जा चुकी हैं।
कलेक्टर की फोटो लगी फर्जी आईडी बनाकर लोगों को ठगने के मामले का खुलासा जब हुआ तो जनपद स्तर पर ग्राम पंचायत सचिव और रोजगार सहायकों को मैसेज किए गए हैं। जिसमें लिखा है- ‘सभी सचिव एवं जीआरएस मेरे भेजे गए इन नंबरों को देख लें, यह फर्जी आईडी से संबल योजना की राशि डालने के लिए फोन करता है। कृपया कोई भी इस पर ध्यान न दें। तत्काल रिपोर्ट करने को कहें या पास के थाने में रिपोर्ट करें। किसी भी परिस्थिति में कोई राशि न डालें। यह कलेक्टर के नाम से फर्जी फोन करता है।’
कलेक्टर ने कहा- तुरंत करें इसकी शिकायत
कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि यह फर्जी आईडी है। कोई भी मेरे नाम से रुपयों की मांग करता है तो तत्काल शिकायत करें। रुपए कतई न दें। पात्र हितग्राहियों को संबल समेत अन्य योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। कोई अन्य भी राशि की मांग करता है तो तुरंत शिकायत करें।
जबलपुर कलेक्टर के नाम पर हो चुका ठगी का प्रयास
करीब दो साल पहले जबलपुर के तत्कालीन कलेक्टर टी. इलैयाराजा के नाम पर जालसाजों ने जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोहर लाल मेहरा और जिला आपूर्ति नियंत्रक नुजहत बकाई के साथ ठगी का प्रयास किया था। इन दोनों अधिकारियों को समय रहते जालसाजों की मंशा समझ में आ गई और वे ठगी से बच गए। इस मामले में ओमती थाने में अधिकारियों ने शिकायत दर्ज कराई गई थी।
जनपथ दर्शन न्यूज चैनल के लिए चैनल हेड मनेन्दु पहारिया की रिपोर्ट।










