पीएम आवास योजना में भारी अनियमितताएं : पंचायत सचिव के खिलाफ लामबंद हुये ग्रामीण
बकस्वाहा में जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत मझौरा में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास प्राप्त करने के पात्र गरीब, हरिजन, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के लोगों को योजना का लाभ नहीं मिलने से नाराज ग्रामीणों ने बुधवार को जनपद सीईओ भागीरथ तिवारी के सामने अपनी शिकायत दर्ज करवाई है। इस संबंध में कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को एक लिखित ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें पंचायत के सचिव संतोष यादव पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार पंचायत में लाभार्थियों की सूची तैयार करते समय सचिव ने उन लोगों को योजना का लाभ दिलवाया, जिनके पास पहले से ही पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं। तो वहीं आरोप यह भी है कि सचिव ने कई वास्तविक पात्र गरीबों के नाम सूची से हटा दिए, जिनके पास रहने के लिए घर तक नहीं है। ग्रामीणों ने ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया है कि पंचायत सचिव ने कुछ लोगों से अवैध रूप से 2,000 से 6,000 रुपये तक की रिश्वत प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर लिये हैं, फिर भी वह गरीब और असहाय लोग आवास के लिए आज तक तरसते रह गए हैं।
ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत के अनुसार ग्राम पंचायत में कई अपात्र लोगों के नाम सूची में शामिल किए गए हैं, जिनके पास पहले से ही पक्के मकान, ट्रैक्टर, और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। वहीं जिनके पास रहने को घर तक नहीं है, वे योजना के लाभ से वंचित रह गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ये लोग 10-15 वर्षों से आवास की मांग कर रहे थे, लेकिन पंचायत के सचिव द्वारा भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के चलते उन्हें आवास नहीं दिया गया।
ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि पंचायत के सचिव संतोष यादव पर पहले भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं, लेकिन उन पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने लगभग 10 वर्ष पहले भी पंचायत से आवास की मांग की थी, लेकिन तब भी उन्हें आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला। इस बार जब प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई, तो उन्हें उम्मीद थी कि उन्हें इस बार घर मिलेगा, लेकिन एक बार फिर से उन्हें निराशा ही हाथ लगी है।
इस पूरे मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उन्होंने जनपद सीईओ से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। ताकि वास्तविक जरूरतमंद लोगों को योजना का लाभ मिल सके। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही उनके साथ न्याय नहीं हुआ, तो वे प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
*इनका कहना है कि….*
हमारे यहां 2018 में पीएम आवास प्लस का सर्वे किया गया था, जिसकी सूची ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज है. जिसमें किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ किसी के द्वारा नहीं की जा सकती है। लेकिन फ़िर भी ग्रामीणों द्वारा जो ज्ञापन दिया गया है. उसकी हम टीम बनाकर जाँच करवाते हैं। जो भी अनियमितता होगी सुधार किया जाएगा। एवं आवास के लिए शासन द्वारा निर्धारित 13 बिंदुओं के आधार पर भी ही पात्र व्यक्तियों को आवास का लाभ दिया जाएगा।
भगीरथ प्रसाद तिवारी, जनपद सीईओ बकस्वाहा
🙏 वरिष्ठ पत्रकार राजेश जैन रागी,रत्नेश जैन बकस्वाहा










