रामजी दूध डेयरी से लिए घी के सैंपल
ग्राहक पंचायत की शिकायत पर सागर संभाग की मोबाइल लैब ने की जांच
जांच में घी पाया गया निगेटिव
फूड विभाग की टीम ने सैंपल लेकर भोपाल भेजा जांच के लिए
रिपोर्ट – हरिओम अग्रवाल
छतरपुर। तिरुपति बाला जी के प्रसाद में चर्बी और मछली का तेल मिलाये जाने की खबर के बाद अब हर जगह लोग सतर्कता बरतने लगे हैं। ताकि यहां भी किसी प्रकार की मिलावट खोरी न हो सके। एक ग्राहक द्वारा महोबा रोड स्थित रामजी दूध डेयरी से घी खरीदा गया। रामजी दूध डेयरी में दो प्रकार का घी बेचा जा रहा था। एक पूजा वाला और दूसरा खाने वाला। ग्राहक ने पूजा वाले घी को खाने के लिए 250 रुपये किलो के हिसाब से खरीदा लेकिन ग्राहक को लगा कि यह घी मिलावटी है और उसने ग्राहक पंचायत से इस बात की शिकायत की। ग्राहक पंचायत द्वारा सागर संभाग की मोबाइल लैब से जांच के लिए संपर्क किया गया। संयोग से यह मोबाइल लैब छतरपुर में ही उपलब्ध थी जिसने जाकर रामजी दूध डेयरी से घी की जांच की। जांच में घी निगेटिव पाया गया जिस पर ग्राहक पंचायत संघ ने फूड विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया। फूड विभाग के खाद्य सुरक्षा अधिकारी वेद प्रकाश चौबे दल बल के साथ रामजी दूध डेयरी पहुंचे और वहां से घी का सैंपल लिया और जांच के लिए भोपाल भेजा जा रहा है। चूंकि मोबाइल लैब की जांच के बाद सैंपल भोपाल जांच के लिए भेजा जाता है। भोपाल से जांच आने पर और भी स्थिति स्पष्ट होगी।
शहर में बड़े पैमाने पर चल रहा मिलावट खोरी का धंधा
छतरपुर शहर में क्या पूरे जिले में मिलावटखोरी का धंधा व्यापक पैमाने पर फल-फूल रहा है। सबसे ज्यादा मिलावट खोरी खाद्य पदार्थों में ही की जा रही है और मिलावटी सामान खाने से लोग बीमार हो रहे हैं। अगर निष्पक्षता के साथ खाद्य पदार्थों की जांच का अभियान चलाया जाये तो 50 प्रतिशत खाद्य पदार्थों में खास कर मिठाई, दूध, दही, घी और बच्चों के खाने वाले कुरकुरे, चिप्स व अन्य सामग्रियों में मिलावट पाईजायेगी। जिला कलेक्टर को इस संबंध में फूड सेफ्टी विभाग के माध्यम से एक अभियान शुरू कराना चाहिए और मिलावट खोरी करने वालों पर एफआईआर कराई जानी चाहिए।
इनका कहना
रामजी दूध डेयरी का घी का सैंपल सागर संभाग की मोबाइल लैब में जांच के दौरान के फेल हो गया था जिस कारण उसका सैंपल लेकर जांच के लिए स्टेट स्तर पर भोपाल भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने पर सच्चाई सामने आयेगी। यदि जांच रिपोर्ट में घी मिलावटी पाया जाता है तो कार्यवाही की जायेगी।
वेद प्रकाश चौबे, खाद्य सुरक्षा अधिकारी छतरपुर












