सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर की दुर्दशा,आठ साल से एक ही शिक्षक के भरोसे चल प्राथमिक शाला खकरी वीरपुरा
शाला में पदस्थ दूसरे शिक्षक अनन्त कुमार चतुर्वेदी 2017 से सेटिंग कर जनशिक्षा का कर रहे कार्य,बच्चों का भविष्य अंधकार में
छतरपुर…सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर की दुर्दशा लगातार देखने को मिल रही है पिछले आठ साल से एक ही शिक्षक के भरोसे चल रही नोगांव की प्राथमिक शाला खकरी वीरपुरा शाला,शाला में पदस्थ दूसरे शिक्षक अनन्त कुमार चतुर्वेदी 2017 से अपनी सेटिंग जमा कर जनशिक्षा का कार्य कर रहे है,और शिक्षा विभाग के अधिकारी शिक्षक अनन्त कुमार चतुर्वेदी की सेटिंग के आगे नतमस्तक है, नोगांव जनपद शिक्षा केंद्र कौरव के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला खकरी वीरपुरा आठ सालों से एक शिक्षक के भरोसे चल रही है। जिस कारण शैक्षणिक व्यवस्था चौपट हो रही है। विगत रोज पालक शिक्षा संग की एक बैठक हुई। जिसमें मांग की गई है कि विद्यालय में अतिरिक्त शिक्षक पदस्थ किए जाएं। तथा शिक्षकों से अतिरिक्त कार्य न लिया जाए। पालक शिक्षक संघ की बैठक के बाद जो प्रतिवेदन बनाया गया उसके अनुसार वर्ष 2017 से एक ही शिक्षक जीतेन्द्र कुमार त्रिपाठी कार्यरत हैं। जिससे एक शिक्षकीय शाला होने पर बच्चों की उपस्थिति एवं उनके शैक्षिक स्तर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। शाला में पदस्थ दूसरे शिक्षक अनन्त कुमार चतुर्वेदी 2017 से सेटिंग कर जनशिक्षा का कार्य कर रहे हैं। एक शिक्षक होने से कक्षा एक व दो की एफएलएन कक्षाओं का संचालन करने में कठिनाई होती है। क्योंकि शिक्षक बीएमओ भी हैं। एवं नवभारत साक्षरता कार्यक्रम का कार्य भी करना होता है। एक शिक्षकीय शाला होने से कक्षा पांचवी के वोर्ड पैटर्न का सत्र 2023-24 का परीक्षा परिणाम अच्छा नहीं रहा। शिक्षक को शाला के अतिरिक्त शासकीय सिकीय प्राथमिक शाली सकरी वीरपुर शिक्षा केन्द्र-शा. आदर्श उ.मा.वि. बेनीव, संत्तकेंद्र श. वा. उत्कृष्ट उ. मा. वि. नीगाँव शा.मा.शा. बिलहरी, विकास खण्ड-नौगाँव जिला छतरपुर (म.प्र.)
प्रशासनिक कार्य जैसे एनएएस की बैठक, एफएलएन की मीटिंग आदि और जनशिक्षा केंद्र की बैठक में उपस्थित होने पर शाला बंद होती है। जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।लेकिन अधिकारी इस और कोई ध्यान नही दे रहे है और बच्चों का भविष्य अंधकार में जारहा है,शिक्षा चौपट हो रही है












