छतरपुर 09 अगस्त 2024। मुख्यमंत्री कृषक ब्याजमाफी योजना 2023 में समिति प्रबंधक और सहायक समिति प्रबंधकों द्वारा भारी भ्रष्टाचार किये जाने के मामले उजागर होने के बाद कई समिति प्रबंधकों और बैंक प्रबंधकों पर कार्यवाही की गई थी। लेकिन यह मामला अभी शांत नहीं हुआ। धीरे-धीरे करके और भी नए मामले मुख्यमंत्री कृषक ब्याज माफी योजना 2023 में भ्रष्टाचार किये जाने के उजागर हो रहे हैं। नए कलेक्टर पार्थ जैसवाल के संज्ञान में 3 सहायक समिति प्रबंधकों के भ्रष्टाचार की जानकारी आने पर उन्होंने तत्काल प्रशासक को निलंबित करने के निर्देश दिये। जिन 3 सहायक समिति प्रबंधकों को निलंबित किया गया है उनमें सलैया समिति के सहायक समिति प्रबंधक उत्तम तिवारी, रनगुवां समिति के सहायक समिति प्रबंधक रनमत सिंह और गहरवार समिति के सहायक समिति प्रबंधक राजेश यादव शामिल हैं इनके द्वारा संस्था सदस्यों के नाम से प्राप्त राशि का समायोजन वरिष्ठ कार्यालय एवं बैंक मुख्यालय के आदेशों का उल्लंघन कर राशि खुर्दबुर्द की गई थी। बैंक द्वारा जांच में प्रमाणित होने पर नए कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देश पर तत्काल प्रभाव से प्रशासक द्वारा निलंबन की कार्यवाही की गई है। जबकि यह कार्यवाही पूर्व में हो जानी चाहिए थी लेकिन प्रशासक मामले को दबाये रहे। अभी भी ईशानगर सहकारी बैंक के अंतर्गत आने वाली समिति के प्रबंधक पर कार्यवाही नहीं की गई है क्योंकि ईशानगर समिति में भी मुख्यमंत्री कृषक ब्याजमाफी योजना में ब्याज का बोगस भुगतान प्राप्त किया गया है। लेकिन अभी इस मामले को दबाकर रखा गया है। क्योंकि जिन पर कार्यवाही होना है वह राजनैतिक पहुंच वाले हैं और उन पर कार्यवाही सहकारी बैंक के जीएम को करना है। आखिर जीएम कब तक मुख्यमंत्री ब्याजमाफी योजना में भ्रष्टाचार करने वालों को बचाते रहेेंगे। इसके पहले बिजावर सहकारी बैंक के अंतर्गत गुलगंज और मऊखेरा समिति में करोड़ों के बोगस भुगतान का मामला सामने आया था। तब समिति प्रबंधकों से राशि जमा कराई गई और उन पर कार्यवाही की गई थी। बिजावर सहकारी बैंक के तत्कालीन प्रबंधक अजय असाटी को भी निलंबित किया गया था। बक्स्वाहा क्षेत्र में भी कार्यवाही की गई थी।












