सामान्य कृषक परिवार की बेटी कु0अर्चना राजपूत का एमबीबीएस में हुआ चयन
सी.एम.राइज विद्यालय छतरपुर की छात्रा रही कु0 अर्चना राजपूत का अभी हाल में सम्पन्न हुई नीट परीक्षा के तहत एमबीबीएस में चयन हुआ है, जिन्हें भोपाल का गांधी मेडिकल कॉलेज आबंटित हुआ है। छात्रा के चयन की जानकारी प्राप्त होते ही परिवार के लोगों की खुशी का ठिकाना ना रहा । कु0 अर्चना राजपूत प्रारंभिक शिक्षा से ही होनहार एवं मेधावी रही है जिन्हें सी.एम.राइज विद्यालय छतरपुर में मेधावी छात्रवृत्ति भी प्राप्त होती रही है, उन्होंने घर पर ही रहकर दूसरे प्रयास में इस परीक्षा में शानदार सफलता अर्जित की है । उनके पिता श्री गंगाचरण राजपूत सामान्य कृषक परिवार के हैं जो *चंदला के ग्राम परसेंड़ी* के निवासी हैं । श्री राजपूत अपनी दो बीघा जमीन में कृषि कार्य के साथ-साथ छत्रसाल नगर छतरपुर में रहते हुए घर-घर पहुंच कर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने का कार्य करते हुए अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं । *श्री गंगा चरण राजपूत ने बताया कि हमने तो इसकी उम्मीद ही नहीं लगा रखी थी कि बेटी को यह उपलब्धि हासिल हो सकेगी मैंने तो सोचा था कि नर्सिंग में ही प्रवेश हो जाए तो बहुत अच्छा रहेगा किंतु परमपिता परमेश्वर की कृपा से एमबीबीएस में चयन हुआ है तो यह हमारे और आप सभी के लिए अपार हर्ष और गौरव की बात है । उनके परिवार में बेटी अर्चना के साथ-साथ बड़ा बेटा नरेंद्र राजपूत जो इंदौर में पीएससी की तैयारी कर रहा है और छोटा बेटा वीरेंद्र राजपूत उत्कृष्ट विद्यालय नंबर-1 छतरपुर में 11वीं (जीवविज्ञान) का छात्र है । आपको अवगत करा दें कि श्री राजपूत की आर्थिक स्थिति ऐसी है कि कु0अर्चना राजपूत के एमबीबीएस में प्रवेश के लिए राशि को इकट्ठा करने के लिए अपने रिश्तेदारों एवं सगे-संबंधियों का सहयोग लेना पड़ रहा है ।
इस संबंध में जब कु0 अर्चना राजपूत से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि *मैंने तो यह सोचा ही नहीं था कि मेरा एमबीबीएस में चयन हो जाएगा किन्तु प्रतियोगी का कार्य प्रतियोगिता में सफलता प्राप्त करने हेतु परिश्रम करना है तो उस परिश्रम का फल आज प्राप्त हुआ है। अब मैं एक अच्छी डॉक्टर बनकर अपने क्षेत्र चंदला, जिसे पिछड़ा क्षेत्र माना जाता है जहां पर सुविधाओं का अभाव है, वहां की, अपने जिला की तथा अपने समाज और राष्ट्र की ईमानदारी से सेवा करूंगी और मैं उन सामान्य परिवार के सभी छात्र-छात्राओं को भी प्रेरित करती रहूंगी जो धनाभाव के कारण निराश होकर अपने लक्ष्य को बीच में ही छोड़ देते हैं। मैं कहना चाहती हूँ कि यदि हम में योग्यता और लगन है तो धन का अभाव किसी भी सफलता के मार्ग में बाधक नहीं होता । मैं अपने परिवार के सभी सदस्यों और आप सभी गणमान्य लोगों का बहुत-बहुत आभार व्यक्त करती हूँ जिन्होंने मुझे इस के लिए प्रेरित किया और सम्मानित किया ।* इस उपलब्धि पर बीआरसीसी बड़ामलहरा प्रमोद राजपूत ने अपनी पुत्री दिव्यांशी और पुत्र दिव्यांशु के साथ कु0अर्चना राजपूत के घर पहुंच कर माल्यार्पण के साथ मिठाई खिलाई और इस स्वर्णिम सफ़लता के लिए बधाई दी।
कु0 अर्चना राजपूत की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए वरिष्ठ समाजसेवी शिवसहाय सिंह राजपूत, रामकृष्ण राजपूत, रामसिंह राजपूत, डॉक्टर आरबी राजपूत, लक्ष्मण राजपूत देवीदयाल राजपूत आदि अन्य लोगों ने हार्दिक बधाइयां और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं प्रेषित की ।।