सेल्समैन बना प्रबंधक, सेवार समिति में करोड़ों का भ्रष्टाचार
किसान ब्याज माफी की जांच कराने पर हो सकता है खुलास
छतरपुर। सहकारी बैंक घुवारा के अंतर्गत आने वाली सेवा सहकारी समिति सेवार को स्थाई समिति प्रबंधक नहीं बल्कि सेल्समैन कई वर्षों से चला रहा है और यह सेल्समैन चंद्रप्रकाश जैन समिति प्रबंधक बन कर करोड़ों का भ्रष्टाचार कर रहा है। मुख्यमंत्री किसान ब्याज माफी योजना के अंतर्गत किसानों के ब्याज माफी के नाम पर करीब 3 करोड़ का घोटाला किए जाने की चर्चाएं हैं। यह भी चर्चा है कि सेवार समिति में जिन किसानो के नाम ऋण स्वीकृत किया गया था इनमें से आधे किसान फर्जी हैं क्योंकि इन किसानों ने कभी ऋण लिया ही नहीं और उनके नाम पर ऋण स्वीकृत कर ब्याज माफी में भारी भ्रष्टाचार किया गया है। सेवा सहकारी समिति सेवार में करीब 32 करोड़ की सोसाइटी है और यहां वर्षों से सेल्समैन समिति प्रबंधक बना हुआ है। इसके अलावा इस समिति में बीते वर्षों में गेहूं खरीदी मेें भी बड़ा भ्रष्टाचार किया गया था। लेकिन यह सब मामले अभी तक दबे हुए थे। लेकिन अब मामले सामने आने पर अपने बचाव के लिए ऐड़ी चोटी का जोर लगाया जा रहा है। सेवार समिति के अलावा सहकारी बैंक घुवारा के अंतर्गत और जो भी समितियां आती हैं उनमें भी जमकर भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़ा मुख्यमंत्री ब्याज माफी और गेहूं खरीदी में किया गया है।
सेल्समैन को समिति प्रबंधक बनाने की क्या है मजबूरी
कई स्थाई समिति प्रबंधक होने के बावजूद भी सेवार समिति प्रबंधक का प्रभार सेल्समैन चंद्रप्रकाश जैन को सौंपा गया है। इसके पीछे सहकारी बैंक के अधिकारियों की क्या मजबूरी है इस संबंध में तो कुछ नहीं कहा जा सकता लेकिन इतना जरूर है कि कई युवा समिति प्रबंधक आज भी सहकारी बैंकों में अटैच हैं उन्हें समिति प्रबंधक का प्रभार नहीं सौंपा जा रहा है। सहकारी बैंक के अधिकारियों के सामने कोई न कोई मजबूरी जरूर है जिसके कारण सेल्समैन से सेवार समिति प्रबंधक का चार्ज अभी तक छीना नहीं गया है। शायद इस तरह की चर्चाएं है कि सेल्समैन जो समिति प्रबंधक के प्रभार में हैं वह सहकारी बैंक के अधिकारियों के लिए कमाई का साधन बना हुआ है।













