- सेवार समिति का एक और फर्जीवाड़ा
भूमिहीन किसानों को दिया लाखों का ऋण
छतरपुर। सहकारी बैंक घुवारा के अंतर्गत आने वाली समितियों का फर्जीवाड़ा दिनों दिन उजागर होता जा रहा है। किसान ब्याज माफी में फर्जीवाड़ा करने के बाद सेवार समिति का एक और फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। सेल्समैन से समिति प्रबंधक बने चंद्रप्रकाश जैन ने सेवार समिति को लाखों का चूना लगा दिया। उन्होंने किसानों का लोन स्वीकृत किया लेकिन 20 किसान ऐसे हैं जो भूमिहीन हैं और उन्हें भी करीब 25 लाख रुपये के लोन दे दिए गए। ग्राम सेवार और पनया में करीब आधा दर्जन भूमिहीन किसानों को ऋण दिया गया है। जबकि 4 अन्य गांव के किसान भी शामिल हैं। ऐसे भूमिहीन किसानों जिन्हें ऋण दिया गया है उनकी सूची ग्रामवार जल्द ही प्रकाशित कर सेवार समिति के प्रबंधक चंद्रप्रकाश जैन के फर्जीवाड़ा का सबके सामने खुलासा किया जायेगा।
सूची चस्पा होने से फर्जीवाड़ा का हुआ था खुलासा
जब पूर्व में कुछ माह के लिए प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी थी और कमलनाथ मुख्यमंत्री बने थे तब उन्होंने एक आदेश जारी किया था कि समितियों से जिन किसानों ने ऋण लिया है उनकी सूची समिति के बाहर चस्पा की जाये। जब सेवार समिति के प्रबंधक द्वारा ऋण लेने वाले किसानों की सूची समिति के बाहर चस्पा की गई तब पता चला कि कुछ ऐसे किसान भी हैं जो भूमिहीन और उन्हें भी ऋण दे दिया गया है। इसके बाद जब भाजपा की सरकार पुन: बनी तो इस आदेश को निरस्त कर दिया गया और आनन-फानन में समितियों के बाहर लगाई गई ऋण लेने वाले किसानों की सूची को समिति प्रबंधकों ने गायब कर दिया। अब यह जांच का विषय है कि सेवार समिति प्रबंधक द्वारा जिन भूमिहीन किसानों के नाम ऋण स्वीकृत किया गया है क्या उन्हें ऋण मिला है या फिर समिति प्रबंधक ने भूमिहीन किसानों के नाम से ऋण स्वीकृत स्वयं डकार लिया। आखिर सहकारी बैंक के अधिकारी और जिला प्रशासन इस तरह के भ्रष्टाचार पर कब तक पर्दा डालता रहेगा। क्योंकि सहकारी समितियां किसान ब्याज माफी और फर्जी ऋण के मामले में चर्चाओं में आ चुकी हैं।













