आगे की प्रगति के लिए नवाचार आवश्यक है- डॉ बीएस राजपूत
एमसीबीयू में मनाया गया दो दिवसीय गुरुपूर्णिमा पर्व

छतरपुर। महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, छतरपुर में म .प्र .शासन उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार गुरु पूर्णिमा का दो दिवसीय महोत्सव कुलगुरू प्रो शुभा तिवारी की अध्यक्षता में मनाया गया। सोमवार 22 जुलाई को इस दो दिवसीय गुरु पूर्णिमा उत्सव का समापन गरिमा के साथ हुआ। इस अवसर पर प्राचीन गुरु शिष्य परपंरा पर केंद्रित व्याख्यान हुए तथा गुरुजनों का शाल – श्रीफल आदि से आत्मीय सम्मान किया गया।
मीडिया प्रभारी डॉ आरपी अहिरवाल ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर प्रतिकुलगुरु प्रो डीपी शुक्ला, ब्रह्मकुमारी आश्रम से पधारीं बहन शैलजा,प्रो. जी.पी. राजोरे, श्री मुकेश जी महाराज , श्री योगेंद्र दास जी महाराज एवं प्रो जे.पी. शाक्य मंचासीन रहे।
कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथि वक्ताओं का भावभीना स्वागत किया गया।प्रतिकुलगुरु प्रो. डी. पी. शुक्ला ने इस गुरु पूर्णिमा उत्सव पर अपने उद्बोधन में कहा कि गुरु के द्वारा मनुष्य के दुःखों को दूर किया जा सकता है।

इस अवसर पर योगाचार्य श्री कुशवाहा ने कहा कि गुरु का सम्मान करना खुद का सम्मान करना है। ब्रह्मकुमारी आश्रम से पधारीं शैलजा बहन जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि सफल जीवन बनाने के लिए गुरु की महिमा अनंत है। उन्होंने अनेक उद्धरण देकर गुरुओं की महत्ता को स्पष्ट किया। महाराजा महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य प्रो. जी. पी. राजोरे ने गुरु की महिमा को बहुत ही रोचक रूप में परिभाषित किया l इस अवसर पर श्री योगेंद्र दास जी महाराज ने कहा कि गुरु – सद्गुरु वह है जिसे कुछ पाने की आस नहीं होती । श्री मुकेश जी महाराज ने गुरु – शिष्य परंपरा पर अपने उद्बोधन में कहा कि गुरु – शिष्य परंपरा को अनुभव के द्वारा ही जीवन में उतारा जा सकता है।
सेवा निवृत्त प्राध्यापक प्रो. बी. एस . राजपूत ने कहा कि आगे की प्रगति के लिए नवाचार आवश्यक है। कार्यक्रम में अदिति उपाध्याय ने सांस्कृतिक प्रस्तुत दी। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. मौली थॉमस ने किया। अंत में इस कार्यक्रम के संयोजक प्रो.जे.पी. शाक्य ने सभी का आभार प्रकट किया l
कार्यक्रम में सेवानिवृत प्राध्यापकों डॉ एस आर पॉल , डॉ एल सी चौरसिया, डॉ बी एस राजपूत , डॉ के डी त्यागी , तथा वर्तमान में कार्यरत सभी गुरुजनों का तिलक मालाओं से भावभीना सम्मान किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में गुरुजन,शोधार्थी तथा छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।













